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वेषधारी हरि के उर सालै
श्रीहरि के भक्तों का वेश बनाकर भी जो व्यक्ति (खेल तमाशा दिखाने वाले) नट की तरह लोभ, पाखण्ड और कपट के सहारे इंद्रिय सुखों की प्राप्ति और उदर पूर्ति में...
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जगत में पैसन ही की माँड
इस संसार में धन-दौलत का ही एक मात्र महत्त्व और प्रभुत्व है। धन न रहने पर शिष्य गुरु को छोड़ देता है और स्त्री पति का परित्याग कर देती है। [1] जप, तप,...