हे सखी, "नित्य विहार" के अमृत रस को देखो और अपने प्राण-जीवन को इस रस पर न्यौछावर कर दो। श्री भगवत रसिक कहते हैं कि "नित्य विहार" का रस प्राप्त कर अन्...