ग्रन्थ के पद एवं श्लोक
10 itemsहमारो धन राधा राधा राधा
हमारो धन राधा राधा राधा। मेरी धन संपत्ति एकमात्र श्री राधा हैं। प्राण धन राधा राधा राधा। मेरी प्राण धन एकमात्र श्री राधा हैं। जीवन धन राधा राधा रा...
मम प्यारी वृषभानु दुलारी
"मम प्यारी वृषभानु दुलारी, पिय नंदनंदन बनवारी।" मेरी प्यारी राधा राजा वृषभानु की दुलारी बेटी हैं और मेरे प्यारे कृष्ण नंद के बेटे हैं। "मम प्यारी बरस...
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं! बढ़ें भक्ति निष्काम नित मेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं! [1] तोहिं पतित जन...
मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण
मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण। हे मन, श्री राधारानी के चरण कमलों का स्मरण कर। राधे रानी के चरण, नव पल्लव बरन। श्री राधारानी के चरण कमल नये पल्लव की...
मैं तो राधे राधे गाऊँ कालिंदी तट पे
मैं तो राधे राधे गाऊँ कालिंदी तट पे, वो तो भाजो चलो आवे रोतो वंशी वट पे। मैं तो श्री यमुना तट पर बैठ राधे राधे गाऊँगी, श्री कृष्ण रोते रोते दौड़ते हुये...
कृष्ण तो हैं प्यारे प्यारे
श्री कृष्ण अत्यंत प्यारे हैं और श्री राधारानी उनसे भी अधिक प्यारी हैं।
डरावे हरिहूँ को भौंह तानी
डरावे हरिहूँ को भौंह तानी, कृपा ते रसिकन अब मैं जानी। कृपालु नहिं कोउ जस राधारानी। 'कृपालु' की भी सुधि लो राधारानी। - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज...
राधा मेरी गति मति
राधा मेरी गति मति राधा पद मेरी रति। श्री राधा ही मेरे जीवन की अंतिम गति है। मेरा प्रेम केवल श्री राधा रानी के चरण कमलों तक ही सीमित है। राधा पति मेरी...
अब तो कृपा करो श्री राधे!
अब तो कृपा करो श्री राधे! तुम्हरे द्वार परो श्री राधे! हे श्री राधे, मैं आपके द्वार पर पड़ा हूँ, अब तो कृपा कीजिये। जात त्रिताप जरो श्री राधे! अवगुन च...
मन करू सुमिरन राधा रानी के चरन
मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण। हे मन, श्री राधारानी के चरण कमलों का स्मरण कर। राधे रानी के चरण, नव पल्लव बरन। श्री राधारानी के चरण कमल नये पल्लव की...