सभी ग्रन्थ
ग्रन्थ के पद एवं श्लोक
3 itemsgeneral
मेरी बरसाने वारी प्यारी प्यारी प्यारी
मेरी बरसानेवारी श्री राधारानी अत्यंत प्यारी हैं, जो वृषभानु दुलारी हैं, ब्रज रस प्रदान करने वाली हैं। [1] मेरी राधारानी प्रेम-रस की वर्षा करने वाली ह...
general
तेरी कृपा ही ते कोऊ
" तेरी कृपा ही ते कोऊ, जाने तोहिं राधारानी । तेरी कृपा ही ते कोऊ, माने तोहिं राधारानी । " - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी 2 (49) हे...
shloka
तेरी कृपा ही ते कोऊ
हे श्री राधे, केवल आपकी कृपा से ही कोई भाग्यशाली जीव आपको जान सकता है एवं आपकी अहैतुकी कृपा से ही कोई जीव आपकी शरण ग्रहण कर पाता है।