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हमारो माई, श्री बरसानो गाम
हमारो माई, श्री बरसानो गाम । महरानी राधा ठकुरानी, सरस सुखद अभिराम । गहवर – वन वृषभानुकुंड वर, प्रेमसरोवर ठाम । विधि हरि हर दुर्लभ रजधानी, श्री वृंद...
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लखो रे मन, वृंदा विपिन-बहार
लखो रे मन, वृंदा विपिन-बहार। जहँ विहरति वृषभानुनन्दिनी, छविनिधि नंदकुमार। जहँ चिन्मय सब जीव चराचर, जहँ राधे सरकार। जहँ बसंत ऋतू वास करत नित, भ्रमर करत...