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Sacred Scripture

जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

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dham

वृंदावन धाम का तो गोविंद राधे

वृंदावन का रस परम और अवर्णनीय है।

general

राधे नाम लेने वाला गोविन्द राधे

राधे नाम लेने वाला गोविन्द राधे, जब जहाँ चाहे, नामी को बुला दे । - जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6721) वह जो श्री राधा का नाम जप ...

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मेरी दाईं आँख पिए, बाईं आँख प्यारी

" मेरी दाईं आँख पिय, बाईं आँख प्यारी । नित नयी नयी लागे, छवि पिए प्यारी प्यारी॥ " - ब्रज रस माधुरी, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज श्री राधा मेरी बा...

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राधे राधे नाम सुनि गोविंद राधे

जब मृत्यु के देवता यमराज किसी को श्री राधा के नाम का जाप करते हुए सुनते हैं, तो वे उस व्यक्ति के पापों की बही (अच्छे बुरे कर्मों का लेखा जोखा रखने क...

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वृंदावन धाम का तो गोविंद राधे

वृंदावन का रस परम और अवर्णनीय है।