सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठग्रन्थकृष्ण जन्म खंड
सभी ग्रन्थ
Sacred Scripture

कृष्ण जन्म खंड

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

5 items
general

राधाषोडशनाम्नां च

श्री राधा के सोलह नामों में से एक नाम 'वृन्दा' श्रुति-प्रसिद्ध है। श्री राधा का रम्य क्रीडावन होने के कारण श्री राधा को 'वृन्दावनी' भी कहते हैं।

general

रोगशोकमृत्युयमा वपन्ते नात्र संशय

जब भी कोई श्री राधा नाम लेता है, रोग, शोक, मृत्यु एवं यमराज राधा नाम से भयभीत होते हैं ।

shloka

आधौ नाम तारिहैं श्री ‘राधा’

- ब्रह्म वैवर्त पुराण - कृष्ण जन्म खंड - 13/107 ‘रा’ अर्थात आधा नाम राधा शब्द का ही काफी है भवसागर से पार होने के लिए ।‘ध’ कहने से हमारी जो रोज़ आयु नष...

shloka

राधाषोडशनाम्नां च

श्री राधा के सोलह नामों में से एक नाम 'वृन्दा' श्रुति-प्रसिद्ध है। श्री राधा का रम्य क्रीडावन होने के कारण श्री राधा को 'वृन्दावनी' भी कहते हैं।

shloka

रोगशोकमृत्युयमा वपन्ते नात्र संशय

- ब्रह्मा वैवरत पुराण, कृष्ण जन्म खंड - 13/111 जब भी कोई श्री राधा नाम लेता है, रोग, शोक, मृत्यु एवं यमराज राधा नाम से भयभीत होते हैं |