हे लाडिली श्री बिहारिनी जू! आप ही मेरे प्राणों का आधार (जीवन) हैं और आप ही मेरी अंतर्यामी सुजान स्वामिनी हैं। हे प्रिया जी! आपके अतिरिक्त मेरी और कोई ...