सभी ग्रन्थ
ग्रन्थ के पद एवं श्लोक
2 itemsgeneral
नवधा भक्ति निमित्त लै, जे सेबत अवतार
जो साधक मुक्ति, बैकुंठ‑प्राप्ति या किसी भी अन्य सिद्धि‑कामना को लक्ष्य बनाकर नवधा भक्ति का आश्रय लेते हैं और भगवान के अवतारों की उपासना करते हैं, वे इ...
general
नवरस नित्य बिहार में नागर जानत नित्त
नित्य विहार के नव रस को तो एक मात्र श्री लाल जी ही जानते हैं, तभी तो वह अनन्य बनकर अपने मन, बुद्धि एवं चित्त से एक मात्र नित्य विहार का ही सेवन करते ह...