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श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

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खेलत आजु प्रिया नव

आज श्री प्रिया जी [श्री राधा] अद्बुत ही रंग में नित्य विहार रस में उन्मत्त हैं। श्री ललित मोहिनी जी की नित्य संगी श्री प्रिया जी चमक रही हैं, झूमते हु...

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जै जै कुंजबिहारिनी प्यारी

जै जै कुंजबिहारिनी प्यारी, जै जै कुंजमहल सुखदाई जै जै लालन कुंजबिहारी। जै जै वृंदावन रस सागर जै जै जमुना सिन्धु सुखकारी। जै जै ललितमोहिनी धनि धनि सु...

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मगन भये गुन गावैं

श्री ललिता मोहिनी जी कहते हैं कि प्रेम में डूबे रहते हुए श्री राधा की महिमा का जाप करें, उनके चरण कमलों की सेवा करें और श्री वृंदावन धाम को कभी न छोड़...

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श्री कुञ्ज बिहारी भजन कर, श्री कुञ्ज बिहारी देख

अरे मन, श्री कुञ्ज बिहारी का ही भजन कर, श्री कुञ्ज बिहारी को ही केवल निहार, केवल श्री वृन्दावन का ही वास कर और अपना जन्म सफल कर ले।

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जै जै कुँजबिहारिनि प्यारी

जै जै कुँजबिहारिनि प्यारी, जै जै ललित मोहिनी धनि धनि सुखदायक सिरमौर हमारी। -श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, रस के पद (61) श्र...

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जाहि वृन्दावन नहि भावे

अगर किसी को वृंदावन से कोई प्रेम नहीं है, तो यहां सिर मुंडवाने और भक्तों की नकल करने का क्या उद्देश्य है।

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श्री कुञ्ज बिहारी भजन कर, श्री कुञ्ज बिहारी देख

अरे मन, श्री कुञ्ज बिहारी का ही भजन कर, श्री कुञ्ज बिहारी को ही केवल निहार, केवल श्री वृन्दावन का ही वास कर और अपना जन्म सफल कर ले।

shloka

जै जै कुँजबिहारिनि प्यारी

श्री ललितमोहिनी देव जी कहते हैं, "श्री कुंजबिहारिनी प्यारी श्री राधा की जय हो जय हो । कुंजबिहारिनी जी, जो रसिको की सिरमौर है, उनकी कृपा पाकर मै धन्य ह...

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मान न कीजै प्रान पियारी जू

श्री ललित मोहिनी देव जू कह रहे हैं "हे श्री प्राण प्यारी जू, आप मान ना कीजिये। [1] आप मेरे जीवन की प्राण हैं, आपके ही बल से मैं आप पर बलिहारी जाती हूँ...

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आजु बधाई श्रीवृन्दावन

श्री ललित मोहिनी देव जू कह रहे हैं "आज श्री वृन्दावन में बधाई है, क्यूँकि आज श्री बिहारी बिहारिणी जू कुञ्ज महल में क्षण प्रतिक्षण केलि लीला परायण हैं।...