हे नवल-नागरी श्री वृषभानु किशोरी (श्री राधा)! मेरी विनती सुनिए और मुझ दीन की सुधि लीजिए। [1] मुझे अपनी दासी जानकर मुझ पर ऐसी कृपा कीजिए कि आप मुस्कुर...