सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठग्रन्थश्री विहारीवल्लभ जी की वाणी
सभी ग्रन्थ
Sacred Scripture

श्री विहारीवल्लभ जी की वाणी

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

4 items
general

मेरी प्यारी रंग रंगीली सुकुमारी

मेरी प्यारी श्री राधिका रंग रंगीली एवं सुकुमारी हैं। मेरे बिहारीजी सभी सुखों के धाम हैं, जो रूप से उज्ज्वल हैं और रसिक चूड़ामणि हैं। [1] श्री राधा के...

general

सब तें न्यारे सबके प्यारे

सबसे उदासीन रहें एवं सबका आदर करें जिससे सब आपसे प्रेम करें, ऐसी रहनी से रहिये। अपनी जीभ से दूसरों की निंदा एवं स्तुति न करिए, एवं उसको निरंतर श्री रा...

general

काल हू को काल लोकपाल हू को पालनहारो

जो भगवान श्री कृष्ण काल के भी काल हैं, लोकपालों के भी पालनहार हैं, सबके नियंता हैं और स्वयं सदा स्वतंत्र हैं। [1] जिनका ध्यान भगवान ब्रह्मा, शिव, विष...

general

राधा गुनगान करे

श्री राधा की महिमा को गाना चाहिए, यमुना नदी के पवित्र जल में स्नान करना चाहिए, यमुना पानी पीना चाहिए और वृंदावन में रहना चाहिए।