श्री वृन्दावन धाम साक्षात् सत-चित-आनन्द स्वरूप है। यहाँ का कण-कण केवल 'हित' (शुद्ध प्रेम) से परिपूर्ण है, जहाँ नित्य-निरंतर श्री श्यामा-श्याम अपनी रसम...