सभी ग्रन्थ
ग्रन्थ के पद एवं श्लोक
3 itemsgeneral
वृंदावन वास श्यामा श्याम को निवास
जहां श्यामा-श्याम का नित्य निवास है, ऐसे श्री वृंदावन धाम में ही नित्य वास करते हुए, हृदय में नित्य हुलास रखते हुए श्री श्यामा-श्याम का भजन कर, उनको न...
general
वृन्दावन की तौ उपमा कौं वृन्दावन ही हैं
श्री वृन्दावन धाम की उपमा स्वयं श्री वृन्दावन धाम ही है। किसी अन्य से इसकी तुलना संभव नहीं है। यह अति मधुर है, और मैं इसका वंदन करता हूँ। [1] श्री रा...
general
महाछवि राजें कोटि भानु लिखि लाजैं रूप
निज धाम श्री वृंदावन में दिव्य युगल श्री राधा-कृष्ण एक दूसरे के अंक में विराज रहे हैं, जिनकी महाछवि की कांति कोटि-कोटि सूर्यों की आभा को भी तुच्छ कर र...