भक्त, भक्ति, भगवान् और गुरु—कहने को तो ये चार हैं, किन्तु वास्तव में इनका स्वरूप एक ही है। इनके चरणों की वन्दना करने से अनेक विघ्नों का नाश हो जाता है...