सभी संत
ब
रसिक संत जीवनी
बिहारी लाल
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री बिहारी लाल वाणी संग्रह
general
कब कौ टेरतु दीन ह्वै होत न स्याम सहाइ
हे श्याम, मैं कब से दीन होकर तुम्हें पुकार रहा हूँ, किन्तु तुम सहाय (प्रसन्न) नहीं होते। हे जगत-गुरु, जगन्नायक! क्या आपको भी इस संसार की हवा लग गई है?
general
तौ बलियै भलियै बनी नागर नन्दकिसोर
हे चतुर नन्दकिशोर, मैं बलैया लूँ, यदि तुम अच्छी प्रकार से मेरी करतूतों की ओर देखोगे अर्थात् मेरे अवगुणों पर विचारोगे, तब तो बस मेरी बिगड़ी खूब भली बनी...
general
मोहिं तुम्हैं बाढ़ी बहस को जीतै जदुराज
हे बाँके बिहारी! मेरे और तुम्हारे बीच मानो एक बहस छिड़ गई है—अब देखना है कि अंततः कौन जीतता है। तुम्हें अपने कृपालु स्वभाव की लाज रखनी है और मुझे अपने...