सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
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जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री ब्रह्म संहिता वाणी संग्रह

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त्रैलोक्ये पृथिवी धन्या जम्बुद्वीपो

तीनों लोकों में सबसे धन्य यह पृथ्वी है। इस पृथ्वी में सबसे अधिक धन्य यह जम्बुद्वीप है। जम्बुद्वीप में सबसे धन्य यह भारत भूमि है एवं भारत भूमि में भी स...

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तेजोमय इदं रम्यम्

श्रीकृष्ण कहते हैं " मैं वृंदावन धाम को एक क्षण के लिए भी नहीं छोड़ता, यह वृंदावन धाम दिव्य है और मायिक दृष्टि से इसको देखना असंभव है। "

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द्रुमा भूमिश्चिन्तामणिगणमयी तोयम मृतम्

वृन्दावन के सभी वृक्ष कल्पतरू, भूमि चिंतामणि तथा जल अमृत सदृश्य हैं।

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"पंचयोजनमेवास्ति वनं मे देह रूपकम”

भगवान श्री कृष्ण बोले "पांच योजन में फैला यह वृन्दावन मेरा श्रीविग्रह (देह) ही है”।