नारद जी ने हमेशा उल्लेख किया है कि ब्रज की गोपियां प्रेम की ध्वजा हैं। यहां पर एक मनमोहक घटना है। नारद जी ने एक बार यमुना नदी के तट पर गोपी को ध्यान म...