नागरीदास जी राधारानी के अनन्य भक्त थे । नागरीदास जी ने बरसाने में गहवर वन में अपनी कुटिया बनाई जो आज मोर कुटी के नाम से प्रसिद्ध है एक दिन इसी स्थान प...