सभी संत
ज
रसिक संत जीवनी
जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य वाणी संग्रह
general
उपासनीयं नितरां जनै: सदा
इन श्रीराधाकृष्ण युगल किशोरात्मक परब्रह्म की निरंतर उपासना करते रहना चाहिए। उनके ध्यान मात्र से अज्ञान ( तम अविद्या की) अनुवृति क्षीण हो जाती है। हमार...
general
अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा
अनुरूप सौभगारूप से कृष्ण के वामांग में आनन्दपूर्वक विराजमान, समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली बृषभानुजी श्री राधा को नमस्कार करता हूँ, जो सहस्रों स...
shloka
सदा राधिका नाम , जिह्वा ग्रह स्थात्। सदा राधिका रुप
मेरी जिह्वा के अग्रभाग पर सदा श्रीराधिका का नाम विराजमान रहे । मेरे नेत्रों के समक्ष सदा श्रीराधा का ही रूप प्रकाशित हो । कानों में श्रीराधिका की कीर्...