श्यामसुंदर की मनोहर छवि ने मेरे हृदय को इस प्रकार मोह लिया है कि अब उनके दर्शन बिना एक क्षण भी चैन नहीं पड़ता। ऐसी स्थिति हो गई है कि कुल-लाज और संकोच...