हे श्री राधे! अनगिनत ग्रंथ और वेद आपकी महिमा का गान करते हैं। [1] रसिक-शिरोमणि प्रियतम श्री श्यामसुंदर सदा आपके चरणों में पूर्ण रूप से शरणागत हैं एवं...