श्री अली किशोरी
जीवन चरित
श्री श्री अली किशोरी वाणी संग्रह
टेढ़े रहें सदा मोहन रसिया सों
श्री किशोरी अली कहते हैं कि हम मोहन लाल रसिया से भी हमेशा टेड़े रहते हैं, और उनको भी अटपटी वाणी सुनाने में नहीं चूकते । हमारा मन सदा अलमस्त निकुंज में ...
आधौ नाम तारिहै राधा
‘राधा’ नाम के अर्धांश, अर्थात् ‘रा’ का रूप-ध्यानयुक्त उच्चारण करते ही समस्त मानस-रोग मिट जाते हैं, और ‘धा’ कहते ही जीव की समस्त बाधाएँ दूर हो जाती हैं...
स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ
श्री राधे, ऐसा कब होगा कि आपकी प्रेम पूर्वक मैं सेवा और लाड़ लड़ाउंगी और आपके चिकने और लम्बे कारे केशों में सुगन्धित तेल लगाउंगी ?
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम, सब सुख दैंन परम हितकारी, रसिकन कौ विश्राम । अली किशोरी कौन कहे गुन, निज गुन गावत श्याम । - श्री अली किशोरी, श्री किशोरी अली ...
हम श्री राधा महारानी जू के बल अभिमानी
हम सदा ही श्री किशोरी जी के बल के अभिमानी हैं। हम मोहन लाल रसिया से भी हमेशा टेड़े रहते हैं, और उनको भी अटपटी वाणी सुनाने में नहीं चूकते । हमारा मन सद...
आधौ नाम तारिहै राधा
राधा नाम का अर्धांश अर्थात 'रा' का रूपध्यान युक्त उच्चारण करते समस्त मानस रोग मिट जाते हैं, ‘धा' कहते ही जीव की समस्त बाधाएं मिट जाती हैं। वेदो और पुर...
स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ
श्री राधे, ऐसा कब होगा कि आपकी प्रेम पूर्वक मैं सेवा और लाड़ लड़ाउंगी और आपके चिकने और लम्बे कारे केशों में सुगन्धित तेल लगाउंगी ?
हम श्री राधा महारानी जू के बल अभिमानी
हम सदा ही श्री किशोरी जी के बल के अभिमानी हैं। हमारा मन सदैव प्रिय प्रियतम के निज महल वृन्दावन में रहता है, जो कि रसिक संतों और युगल सरकार की राजधानी ...