श्री राधा-कृष्ण दिव्य प्रेम-रस में पूर्णतः निमग्न होकर वृंदावन के निकुंजों में नित्य विहार करते हैं। वहाँ नित्य एकरस आनंद की वर्षा होती रहती है, जिसमे...