गोस्वामी चन्द्रलाल जी कहते हैं, "रूप के उस दिव्य सरोवर में सखीगण मानो श्वेत कमल की कलियाँ हैं, श्री कृष्ण चकोर हैं, और श्री राधा का मुख कमल जैसे चंद्र...