सभी संत
ग
रसिक संत जीवनी
श्री गुरुछौना महाराज
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री गुरुछौना महाराज वाणी संग्रह
general
राधे तैं प्रीतम बस कीनौ
हे श्री राधे! प्रीतम श्री कृष्ण को तुमने अपने वशीभूत कर लिया है। जो अखिल लोक के चूड़ामणि भगवान श्री कृष्ण सबके मन को मोहित करते हैं, उनके मन का हरण भी...
general
हरि जी बाँह गहो अब मेरी
हे हरि जी! कृपा करके अब मेरी बाँह पकड़िए और मुझे इस संसार रूपी दुख सागर से बाहर निकालिए। इस संसार में मेरा कोई सच्चा हितैषी नहीं है, मैं तो मोह-माया क...
general
प्रेम कटारी हँसि हँसि मारी
मेरे मनमीत मोहन (श्रीकृष्ण) ने हँस-हँसकर प्रेम का खंजर चलाकर मुझे घायल कर दिया है। [1] अंदर और बाहर, मेरा तन और मन दोनों घायल हो चुके हैं, क्योंकि खं...