प्रेम की इस विरह-वेदना का मर्म समझना अत्यंत दुष्कर है, जिसे संसार का कोई विरला अनुरागी ही अनुभव कर पाता है। जो सौभाग्यशाली इस दिव्य पीड़ा को प्राप्त क...