श्री हित परमानंद दास
जीवन चरित
श्री श्री हित परमानंद दास वाणी संग्रह
मैं वारी रस सागर राधा नाम
मैं रस के सागर श्री राधा नाम पर बलिहारी जाता हूँ। श्री वृंदावन धाम के समस्त पशु पक्षी, नर नारी कुछ और नहीं बल्कि केवल राधा राधा नाम ही जपते हैं। [1] ...
प्रिया प्राण प्यारी प्रिये प्रेम रूपनी वाम
श्री राधा, श्री कृष्ण की प्राण-प्यारी तथा साक्षात् प्रेमस्वरूपा हैं, जो सदा उनके साथ विराजमान रहती हैं। श्री हित परमानंद दास विनम्र भाव से कहते हैं कि...
सुनि सुख पावत राधा-नाम
श्री कृष्ण श्री राधा नाम को सुनकर सुख पाते हैं। जो जन श्री राधा नाम को जपते हैं उनके ह्रदय में अनायास ही श्यामसुन्दर बस जाते हैं। [1] वे उनकी रूप माध...
राधा राधे राधिके
‘राधा’, ‘राधे’ या ‘राधिके’— इन सभी नामों से विख्यात श्री राधा सौंदर्य और माधुर्य की परिपूर्ण निधि हैं। श्री हित परमानंद दास जी कहते हैं कि ‘राधा’ नाम...
व्याससुवन हरिवंश जू गुरु श्री राधा कीन
व्यासनंदन श्री हरिवंश जी ने श्री राधा को ही अपना गुरु बनाया, श्री “राधा राधा” नाम का ही मंत्र प्रेम पूर्वक जपा जिससे श्री राधा ने उन्हें दर्शन दिए।
लालन प्यारौ माला जपै राधा-नाम की
हे श्री वृन्दावन धाम की महारानी श्री राधा, कृपाकर प्रेम पूर्वक सुनिए! प्यारे श्री लाल जी सदा “राधा” नाम की माला जपते रहते हैं। [1] हे श्री राधा, श्री...
बरसाने रस-सिंधु तें प्रगटी राधा-रत्न
बरसाना रूपी रस-सागर से श्री राधा रूपी अनमोल रत्न प्रकट हुआ है। श्री हित परमानंद दास जी कहते हैं, “पूर्ण प्रयास और प्रेम से इस अमूल्य रत्न को अपने हृदय...
बरसाने वासीनु कैं श्रीराधा आधार
बरसाना वासियों की श्रीराधा ही आधार हैं। समस्त बरसाना वासी श्री राधा के प्यारे हैं एवं उनको भी श्री राधा से ही अनन्य प्रेम है।
कुँवरि लड़ैती लाड़िली, लाड़ गहेली भाम
कुँवरि श्री राधा अति लाड़ली हैं एवं श्री श्यामसुन्दर की प्रिया हैं जिन्हें वे सदा अपने ह्रदय से लगाकर रखते हैं। श्री हित परमानंद दास जी कहते हैं कि वे...
सब बरसाने में सुनत राधा-राधा नाम
बरसाना में हर ओर से केवल “राधा- राधा” नाम ही सुनाई देता है। बरसाना वासी दिन-रात श्री राधा को लाड़ लड़ाने में ही मग्न रहते हैं।
डोल झूलिये दोऊ प्यारे
दोनों प्यारे (प्रिया-प्रियतम) कुंजमहल में फूलों से सजे हुए झूले पर झूल रहे हैं। कुंजमहल में फूलों की सुंदर सजावट की गई है, खिले हुए फूलों से ही हर कोन...
नवल किशोरी गोरी राधा गाइये
गौर वर्ण वाली नवल किशोरी श्री राधा का गुण गान कीजिए। ऐसी कृपा हो मुझ पर कि श्री राधा, जो श्री कृष्ण के प्राणों की प्रिया हैं और समस्त सखियों की चित्तच...
बरसाने की राधिका राधे कौ यह ग्राम
श्रीधाम बरसाना, स्वयं श्री राधिका जू का निज गाँव है, जहाँ के प्रत्येक जीव अनन्य भाव से सदा-सर्वदा “राधा नाम” का मधुर गान करते रहते हैं।
पंछी बरसाने जिते पशु अरु गोपी-गोप
बरसाने के सभी पक्षी, पशु, गोपियाँ और गोप — सभी का जीवन-प्राण श्री राधिका ही हैं, और उनके हृदय में श्री राधा की ही दिव्य कान्ति सदा विराजमान रहती है।
भजौ मन राधे महारानी
हे मन! श्री राधा महारानी जू का अनन्य भाव से भजन करो। जिनके रसपूर्ण यश को मनमोहन श्री कृष्ण भी उन्मत्त होकर गान करते हैं एवं जो सबको सुख प्रदान करने वा...
नाम राधिका के सुनत हित सौं मोहनलाल
श्रीराधिका का नाम श्री मोहनलाल (श्रीकृष्ण) अत्यन्त प्रेमपूर्वक सुनते हैं। “राधा” नाम के प्रभाव से वशीभूत होकर, परम आनंद प्रदान करने वाले श्रीकृष्ण कृप...
सुनियें अरज हमारी श्रीवृषभानु कुमारि
हे श्रीवृषभानु-नन्दिनी श्री राधा! मेरी इस करुण विनय को कृपापूर्वक स्वीकार कीजिए। हे प्रियतम (श्रीकृष्ण) के प्राणाधार स्वरूपा स्वामिनी! अपनी करुणा-दृष्...
मेरी अँखियाँ राधा-रूप पगीं
मेरी आँखें श्री राधा के दिव्य रूप में ऐसी रँगी हुई हैं कि उनकी मधुर मुस्कान में बिना मूल्य के बिक चुकी हैं। वे उनसे मोहित होकर दिन-रात जागती रहती हैं।...
राधा राधे राधिके, राधे रूप निधान
हे राधा, हे राधे, हे राधिके—तुम रूप-सौंदर्य की खान हो। श्री हित परमानन्द दास कहते हैं कि “राधा-राधा” निज मंत्र ही मेरा जीवन प्राण है।
जय बोलौ श्रीराधा महारानी जू की
श्री राधा महारानी की जय बोलो—श्री धाम वृन्दावन, जो अखिल लोकों की राजधानी है, उसमें एकछत्र (एक मात्र) श्री राधा जू का ही राज है। [1] वे स्वामिनी रूप औ...
आचारज हरिवंश कौ श्रीवृन्दावन धाम
रसिकाचार्य श्री हित हरिवंश महाप्रभु जी का आश्रय-धाम श्रीवृन्दावन है। वहाँ समस्त रसिक ‘राधा राधा’ नाम का ही जप करते हैं।
श्रीवृषभानकिशोरी सुजान
हे नवल-नागरी श्री वृषभानु किशोरी (श्री राधा)! मेरी विनती सुनिए और मुझ दीन की सुधि लीजिए। [1] मुझे अपनी दासी जानकर मुझ पर ऐसी कृपा कीजिए कि आप मुस्कुर...