सभी संत
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रसिक संत जीवनी
श्री केशव देव
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री केशव देव वाणी संग्रह
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अहो धनि श्रीवृन्दावन धाम
अहो, श्री वृन्दावन धाम धन्य है, जहाँ संतों का समाज रहता है जो नित्य श्री हरि के नाम का उच्चारण करते रहते हैं। [1] श्री केशव देव कहते हैं कि "जहाँ श्र...
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कुंज पधारो प्यारी भई है अबार
हे प्यारी जू! कुंज में पधारो, अब बहुत देर हो चुकी है। शीतल और सुगंधित समीर बह रही है एवं बादलों से मंद मंद वर्षा की फुहार हो रही है। [1] दमकती हुई बि...
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श्रीललिता जू बीरी बनाय खवावैं हो
श्रीललिता जी दिव्य दंपति (श्री राधा कृष्ण) को पान की बीड़ी बनाकर खवा रही हैं। करकमल में कंचन की थाली शोभित हो रही है। वे रमक झमक करती हुई चली आ रही है...