श्री केवल राम
जीवन चरित
श्री श्री केवल राम वाणी संग्रह
रटत पीउ श्री राधा श्री राधा
पिय श्री श्याम सुंदर केवल “श्री राधा, श्री राधा” ही रटते हैं। वृंदावन की ठकुरानी, अगाध सुंदरता एवं दिव्य शोभा की सिंधु ही साक्षात श्री राधा ठकुरानी है...
प्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीली
(राग केदारौ) प्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीली के बसि पर्यो। अतिगंभीर सोभा गुन सागर पाछें डोलत रस भर्यो। [1] निरखि निरखि चटकी सी लागी नैन नेह ढरनी ढर्यो...
बैठी है झरोखे प्यारी कुंज
श्री राधिका कुंज महल में जालीदार खिड़की के पास बैठी हुई हैं। प्रियतम श्री कृष्ण महल के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, इसलिये वे बाहर खड़े होकर उनके द...
कहा कहों कछु कहनु न आवे
हे श्री राधे, मैं क्या कहूँ, मुझसे कुछ कहते नहीं बनता।हे वृषभानु नंदिनी, मैं आपकी शपथ लेकर कहता हूँ की चंद्रमा भी आपके मुख की छवि के समान सुंदरता प्रा...
स्याम सलोनो प्यारो नंद जीउ को नागरु
हे श्री राधे! प्यारो नंदलाल श्री कृष्ण आपकी प्रतीक्षा में रात भर जाग रहे हैं एवं व्याकुलता से वृंदावन की कुंजों में आपकी राह निहार रहे हैं। [1] प्रिय...
नाचत दोउ रास मंडल थई थई तत थई
श्री राधा कृष्ण दोनों मिलकर रास मंडल में ‘थई थई तत थई’ कर प्रेम में उमड़ कर नाच रहे हैं एवं सुंदर सुर में गान कर रहे हैं। [1] श्री राधिका जू, जो रस म...
नवल लाल ब्रिषभान दुलारी
नवल किशोर श्री कृष्ण एवं वृषभानु दुलारी श्री राधा थेइ-थेइ करते हुए रास लीला में नृत्य कर रहे हैं, जिसमें वे एक से एक सुन्दर नविन गति प्रदर्शित करते है...
तो सम को प्यारो नहि प्यारी
एक सखी, माननी श्री राधिका से कहती हैं, हे प्यारी, तुम्हारे जैसा प्रियतम किसी का नहीं है। तुम ही तो लालजी (श्रीकृष्ण) का तन, मन, धन और प्राण हो, जैसे च...
मानुनी मानु कीओ किह काज
एक सखी, माननी श्री राधिका से कहती हैं, हे प्यारी, तुमने किस कारण अपने प्रियतम से मान किया हुआ है ? प्रियतम श्याम सुंदर तो सदा तुम्हारे अधीन रहते हैं ए...
प्यारी तेरो मानु मनावन आँई
हे प्यारी जू, आपके मान को दूर कर मैं आपको मनाने आयी हूँ। रसिकराज श्रीकृष्ण बार-बार मेरे चरणों में गिर रहे हैं। उन्होंने प्रेम और करुणा से प्रेरित होकर...
पीय साँवरें के संगि बनी बिहारिनि अतिछबि पावे
साँवरे श्री कुञ्ज बिहारी के संग बिहारिनि श्री राधा की छवि अति ही सुन्दर शोभा को प्राप्त हो रही हैं। [1] श्री राधा षोडश श्रृंगारों से अलंकृत है, और उन...
आजु प्यारी के संगि रसिक राइ गुपाल
आज श्री गोपाल के संग प्यारी राधिका की छवि अत्यंत मनोहर लग रही है। वे दोनों मधुर गान करते हुए आ रहे हैं एवं उनकी चाल मराल के समान है। [1] युगल सरकार र...