सभी संत
म
रसिक संत जीवनी
श्री मधुरेश
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री मधुरेश वाणी संग्रह
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जहाँ-जहाँ जाव तहाँ राधे-राधे होय रह्यो
जहाँ भी जाओ, “राधे! राधे!” की ध्वनि स्वाभाविक रूप से गूंजती रहती है — यही इस नित्य पुण्य भूमि ब्रज की अलौकिक महिमा है। [1] श्री राधा-कृष्ण की छवि चाह...
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नन्दगाँव गोकुल गोवर्धन की काह कहौं
नन्दगाँव, गोकुल और श्री गोवर्धन की ऐसी अगाध महिमा है कि इसका कहाँ तक वर्णन करूँ? वहाँ की गोपियों, गोपों, ग्वालबालों और गायों की शोभा का बखान करना शब्द...