सभी संत
म
रसिक संत जीवनी
श्री मीरा
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री मीरा वाणी संग्रह
general
हे री मैं तो प्रेम दिवानी, मेरो दरद न जाने कोय
हे सखी, मैं तो प्रेम दीवानी हूँ, मेरा दर्द कौन जाने ? [1] मेरी सेज तो सूली के ऊपर है, मैं किस प्रकार चैन से सोऊँ ? [2] मेरे प्रियतम श्यामसुंदर तो गग...
general
तुमरे कारण सब सुख छोड़यो
श्री मीरा जी कहती हैं "हे प्रभु, मैंने आपके लिए ही समस्त सुखों का त्याग कर दिया है, अब मुझे आप क्यों तरसाते हो। मेरा ह्रदय आपके वियोग से संतप्त हो रहा...