सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठसंतश्री नागरी देव
सभी संत

जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री श्री नागरी देव वाणी संग्रह

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बिहारिनि लाडिली सुख रासि

हमारी लाड़िली नित्य विहारिनी [श्री राधा] सुख की राशि हैं। जिनका स्वरूप अति अद्बुत एवं अनूप है, मन को मोहने वाली एवं जिनकी छबीली मृदु हास [मुस्कान] है।...

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भक्ति भाव विस्वास न उपजे

श्री राधारानी के चरणों में पूर्ण विश्वास और भक्ति मार्ग में दृढ़ता न होने पर भी घर-घर में लोग अपने आपको रसिक कहलाना चाहते हैं। जब तक श्री राधारानी में...

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अलमस्त रहैं अलबेले लाल, लाडिली के रसमाते

रसिक शिरोमणि श्री लाल जू नित्य ही रसिकेश्वरी श्री लाड़ली जू (श्री राधारानी) के रस में विभोर होकर अलमस्त रहते हैं।श्री राधारानी की छवि के रस में श्री कृ...

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अलमस्त रहैं अलबेले लाल, लाडिली के रसमाते

रसिक शिरोमणि श्री लाल जू नित्य ही रसिकेश्वरी श्री लाड़ली जू (श्री राधारानी) के रस में विभोर होकर अलमस्त रहते हैं।श्री राधारानी की छवि के रस में श्री कृ...

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भक्ति भाव विस्वास न उपजे, घर घर रसिक कहाई

भक्ति भाव विस्वास न उपजे, घर घर रसिक कहाई। बिन अनन्य संसार सिंधु में, फिर फिर गोता खाईं। - श्री नागरी देव - श्री नागरी देव जी की वाणी (10) श्री राधारा...