जय हो ललिता आदि दिव्य सखियों को, जो व्रज की वेद-समान मधुर लीलाओं की धारिणी हैं और श्री राधा-कृष्ण की केलि लीलाओं की अंगीसंगी हैं। [1] वे सखियाँ युगल-...