यह पृथ्वी धन्य है, उसमें श्री मथुरा, उसमें श्री धाम वृन्दावन, उनमें भी ब्रजवासी, उनमें भी युवती गोपियाँ और उनमें भी अचिन्त्य गुणों की ख़ान, परमानन्दमय...