सभी संत
र
रसिक संत जीवनी
श्री रघुनाथ दास
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री रघुनाथ दास वाणी संग्रह
general
हा नाथ गोकुलसुधाकर सुप्रसन्न
हे नाथ ! हे गोकुलचन्द्र ! हे प्रसन्नमुखकमल ! हे मधुर-मन्द मुसकानकारी ! हे कृपाभिषिक्त ! आप जहां अतिशय प्रेमपूर्ण होकर अपनी प्रिया श्रीराधा जी के साथ व...
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तवैवास्मि तवैवास्मि
तवैवास्मि तवैवास्मि न जीवामि त्वया विना। इति विज्ञाय देवि त्वं नय मां चरण अन्तिकम्।।96॥ - श्री रघुनाथ दास, विलाप कुसुमांजलि (96) हे स्वामिनि ! मैं आ...