वृन्दावन जैसा कोई वन नहीं, नंदगाँव जैसा कोई गाँव नहीं, वंशीवट जैसा कोई वटवृक्ष नहीं, और श्याम नाम जैसा कोई नाम नहीं है। [1] ‘श्याम’ नाम जैसा कोई नाम ...