सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठसंतश्री रामसखी
सभी संत

जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री श्री रामसखी वाणी संग्रह

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अहो नव लाल पिय विनय सुनि लीजिये

हे नवनागर लाल पिय [श्री कृष्ण], मेरी यह विनती सुन लीजिए! मुझे श्री धाम वृंदावन का वास प्रदान कर, कुंजों की महल टहल जैसे सोहनी सेवा आदि देकर कृतार्थ की...

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कुंज की कुटीर दोऊ आली री उमंग भरे

अरी सखी! श्री वृन्दावन के कुञ्ज कुटीर में युगल किशोर श्री श्यामा-श्याम उमंग से भरे मधुर गान कर रहे हैं, और सखियाँ उन्हें मंद गति से झूला झुला रही हैं।...

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जै-जै-जै-जै कुँवरि किशोरी, श्रीराधा महारानी

कुँवरी किशोरी श्री राधा महारानी की जय हो जय हो जय हो। हे रावरी, आप महाकृपा की खानी हो, कृपा कर मुझ दीन की विनय भी सुनिए। [1] यदपि मैं इस लायक़ नहीं ह...

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चिरजीवो मेरे दोउ कुंजबिहारी

हे मेरे दोनों कुञ्जबिहारी एवं कुञ्जबिहारिणी जू, आप चिरंजीवी रहें। [1] श्री वृन्दावन की वीथियों में नित्यकेलि लीला करिये, जिसकी मैं बलिहारी जाऊँ। स...