सभी संत
स
रसिक संत जीवनी
श्री सहजोबाई
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री सहजोबाई वाणी संग्रह
general
मुयें दुखी जीवत दुखी
मनुष्य मरते हुए भी दुःखी एवं जीते हुए भी दुःखी रहता है, सब साधनों से युक्त राजा भी दुखी रहता है। श्री सहजोबाई कहती हैं कि केवल साधु ही सुखी है, जिसने ...
general
पानी का सा बुलबुला यह तन ऐसा होय
यह शरीर पानी के बुलबुले के समान क्षणभंगुर है। अतः अपने प्रियतम (परमात्मा) से मिलने का दृढ़ संकल्प कर लेना चाहिए और प्रमाद की नींद में सोए नहीं रहना चा...
shloka
हरि हरि जप लेनी औसर बीतो जाय
सहजोबाई कहती हैं कि हे मूर्ख! समय बीतता जा रहा है, इसलिए अवसर रहते 'हरि-हरि' नाम का जप कर लो। अपने मन को एकाग्र कर इस बात पर विचार करो कि जो दिन एक बा...