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रसिक संत जीवनी

श्री सेवक जी - वृन्दावन के रसिक संत

जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री श्री सेवक जी - वृन्दावन के रसिक संत वाणी संग्रह

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नाम-वाणी निकट श्याम-श्यामा प्रगट

(इस छन्द में सेवक जी श्री हरिवंश नाम एवं वाणी का प्रभाव बड़े मार्मिक ढंग से स्पष्ट करते हुये कहते हैं ) श्री हरिवंश नाम और वाणी के निकट श्री श्याम श्...

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राधा वल्लभ भजत भजि भली भली सब होय

श्री राधा वल्लभ लाल जी का भजन करने वालों का भजन करने से सब प्रकार से भला होता है। अपने सजातीय रसिक अनन्यों का भजन करने से सब प्रकार का भला होता है।

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सुभग सुन्दरी सहज सिंगार

परम सुंदरों में भी सुंदर, स्वाभाविक श्रृंगार, स्वाभाविक शोभा एवं सर्वांग प्रति सहज रूप लावण्यमयी श्रीवृषभान नंदिनी हैं। आप सहज (स्वाभाविक) आनन्द की सम...

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निरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली

निरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली। आनंद नैन सुढार, यह जू कृपा हरिवंश की। - श्री सेवक जी (दामोदर दास) - श्री सेवक वाणी नित्य विहार का दर्शन हो रहा ...