ऋतुराज वसंत के भव्य आगमन से वृंदावन अनुपम शोभा से विभूषित होकर आनंद में नृत्य कर रहा है, जिससे प्रत्येक कुंज और उपवन उसकी सुंदरता से भर उठे हैं। [1] ...