- श्री शिक्षाष्टकम् 04 (चैतन्यमहाप्रभु) हे राधाकृष्ण ! न मैं धन संग्रह करने की इच्छा रखता हूँ, न सुंदर स्त्रियां की कामना रखता हूँ, न मुझे अनेक शिष्...