हे श्री राधे! मैं तुमको चंपक वरनी [चंपक वर्ण वाली] कहूँ, मन हरनी [मन का हरण करने वाली] कहूँ या रसामृत-सागर की स्रोत कहूँ। हे राधा! क्या मैं तुमको बाधा...