रे मन! तू परम मनोहर कैशोर वयस वाले और मुक्ता फल की छाया की तरह नव-लावण्य के राशि रूप तथा नवायमान श्रृंगाररस में चञ्चल चित्त वाले तथा जिनके नवीन प्रेम ...