सभी संत
श
रसिक संत जीवनी
श्रीमद भागवतमहापुराण
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्रीमद भागवतमहापुराण वाणी संग्रह
general
गोप्यः किमाचरदयं कुशलंसमवेणुं
एक गोपी अपनी मित्र से कहती है की मुझे आश्चर्य होता है कि इस मुरली ने कौन से ऐसे शुभ कर्म किए हैं कि श्री कृष्ण इनको नित्य ही अपने होठों से लगाए रखते ह...
general
वाग् गद् गदा द्रवते यस्य चित्तं
श्री कृष्ण उद्धव से कहते हैं कि जिसकी वाणी मेरी चर्चा से ही गदगद हो जाती है, जिसका चित्त द्रवित हो जाता है, जो बार-बार रोने लगता है, कभी हँसने लगता है...