न मैं शेष से याचना करता हूँ, न शिवजी से, न इंद्र से, और न ही अन्य किसी देवी देवता का वरदान चाहता हूँ। [1] कामधेनु एवं कल्पवृक्ष की तो व्यर्थ में कौन ...