प्रेमियों की गति प्रेमी ही जानते हैं। जैसे गंगा जी में रहने वाला पपीहा पक्षी भी साक्षात गंगा जी के पानी को छोड़कर स्वाति बूँद की ओर ही निहारता है। [1]...