Verses & Passages
27 itemsराधा मेरी गती मति, राधा पद मेरी रति
राधा मेरी गती मति, राधा पद मेरी रति - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी श्री राधा मेरे जीवन का अंतिम लक्ष्य है, जिन्होंने मेरे मन को पूर्...
जय राधे जय कृष्ण जय वृंदावन
हौं भई सहचरि राधेरानी की, नित्यधाम वृंदावन महारानी की। नित्यसेवा नित्यधाम, नित्य पावूँ आठों याम, राखो रूचि सोइ जोइ, ठकुरानी की॥ [2] मेरो एक प्राणधन, ...
नहिं मान्यो अपराध पूतनहिं, गरल पिवावन वारी के
श्याम सुंदर इतने कृपालु हैं कि पूतना ने श्री कृष्ण को अपना ज़हर पिलाना चाहा, और उसका अपराध ज़हर पिलाने वाला न देखते हुए उन्होंने पूतना को अपनी माँ मान क...
तू तो कृपा की है मूरति राधारानी
"तू तो कृपा की है मूरति राधारानी, मेरी राधारानी" - जगदगुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी मेरी श्री राधारानी कृपा की ही साक्षात मूर्ति हैं।
जय श्री वृषभानु दुलार की, जय अलबेली सरकार की
जय श्री वृषभानु दुलार की, जय अलबेली सरकार की। वृषभानु नंदिनी श्री राधा रानी की जय। अलबेली सरकार की जय। जय स्वामिनी नंदकुमार की, जय अधाधुंद दरबार की।...
जित देखूँ तित तोहि प्यारी, बरसानेवारी
जित देखूँ तित तोहि प्यारी, बरसानेवारी। - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी मैं जहां भी देखता हूं, मुझे केवल और केवल बरसानेवारी "श्री राध...
तेरे ऋण उऋण ना होई सक राधे
तेरे ऋण उऋण ना होई सक राधे, अगनिता जनमहुँ राधे - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी हे राधे जू, आप बहुत उदार हैं और आपने मुझ पर हर क्षण ...
राधे राधे बोल नित करु राधे को ध्यान
श्री राधा का ध्यान करते हुए हर समय श्वास-प्रश्वास के साथ ‘राधे राधे’ का जप करें। ‘राधा’ नाम सुनते ही श्रीकृष्ण अपने गोलोक धाम को छोड़कर दौड़ते हुए आ ज...
माया की कौन कहे, मायापति घबराये
माया के बारे में क्या कहना है, यहां तक कि माया के शासक (श्री कृष्ण) भी उनसे डरते हैं जो श्री राधा के चरणों में आश्रय लेते हैं।
तोको दीन जन प्रिय भानुदुलारी, ऐसी कृपा करो दीन बनूँ सुकुमारी
“तोको दीन जन प्रिय भानुदुलारी, ऐसी कृपा करो दीन बनूँ सुकुमारी। " - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी हे सुकुमारी राधारानी! आप सभी दीन जनो...
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं। - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी हे श्री श्यामा श्याम मैं केवल...
जापे टुक कृपा करे प्यारी, वाके पाछे डोले बनवारी
"जापे टुक कृपा करे प्यारी, वाके पाछे डोले बनवारी" - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी जिसपर राधारानी कृपा करती हैं, श्री कृष्ण उनके पीछे ...
प्यारी सम प्यारी प्यारी बरसानेवारी
“प्यारी सम प्यारी प्यारी बरसानेवारी, है कृपालु अति प्यारी बरसानेवारी। " - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी राधारानी अत्यंत कृपालु हैं और...
भक्ति एक ऐश्वर्य अरु एक माधुर्य कहाय
दो प्रकार की भक्ति होती है—एक ऐश्वर्य से युक्त और एक माधुर्य-प्रेमरस से युक्त। ब्रज के रसिकों को ऐश्वर्य-भक्ति नहीं सुहाती, उन्हें केवल माधुर्य-रस भक्...
युगल माधुरी ध्यान धरू उर। गाओ नाम रहु वृंदावन
"युगल माधुरी ध्यान धरू उर। गाओ नाम रहु वृंदावन। श्यामा श्याम शरण गहू रे मन। " - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी अरे मन युगल माधुरी अर...
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं। - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी हे श्री श्यामा श्याम मैं केवल...
हमारी राधे रानी रस की खानी
हमारी श्री राधा रस की खान हैं। इनकी राजधानी श्री वृंदावन धाम है और वह हर पल वहां उपस्थित हैं।
राधे राधे रटें श्याम
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज कहते हैं कि श्याम "राधे राधे" रटते है और राधा "श्याम श्याम" रटती हैं परन्तु दिव्य युगल का युगल नाम "राधे श्याम" मेरा ज...
जय नंदनंदन सुख धाम हरे
जय नंदनंदन सुख धाम हरे, गोपी जन वल्लभ श्याम हरे। अनंत आनंद के धाम नंद के पुत्र की जय हो। गोपिजनों के प्रिय श्री कृष्ण की जय हो। जय जीवन धन ब्रज बाम ...
कृपा करु बरसाने वारी, तेरी कृपा का भरोसा भारी
तेरा मन है कृपा का प्यारी , तेरा तन है कृपा का प्यारी। तेरी कृपा तो कृपा है प्यारी, तेरा कोप भी कृपा है प्यारी | तेरी कृपा चह बनवारी, तेरी कृपा की है ...
है चाह" कृपालु" मेरी, तेरी ही कहलाये
हे श्री राधा, मेरी यही इच्छा है कि मैं आपकी ही केवल कहलाऊँ, और भूले भटके देर से ही सही, मुझे आपकी सेवा प्राप्त हो जाए।
राधे राधे रटें श्याम
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज कहते हैं कि श्याम "राधे राधे" रटते है और राधा "श्याम श्याम" रटती हैं परन्तु दिव्य युगल का युगल नाम "राधे श्याम" मेरा जी...
माया की कौन कहे, मायापति घबराये
माया के बारे में क्या कहना है, यहां तक कि माया के शासक (श्री कृष्ण) भी उनसे डरते हैं जो श्री राधा के चरणों में आश्रय लेते हैं।
हमारी राधे रानी रस की खानी
हमारी श्री राधा रस की खान हैं। इनकी राजधानी श्री वृंदावन धाम है और वह हर पल वहां उपस्थित हैं।
कृष्ण तो हैं प्यारे प्यारे
श्री कृष्ण अत्यंत प्यारे हैं और श्री राधारानी उनसे भी अधिक प्यारी हैं ।
कृष्ण कहु पाछे प्रथम कहु राधा
पहले श्री राधा का नाम और फिर श्री कृष्ण का नाम उच्चारण करें। श्री राधा के बिना श्री कृष्ण की पूजा करना एक अपराध है।
नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं
हे श्री श्यामा श्याम मैं केवल आपकी सेवा मांगती हूँ, न मुझे मुक्ति चाहित न भुक्ति।