SaintsBooksRagasShlokasStrotrasPoems
HomeGranthasब्रज रस माधुरी 3
All Books
Sacred Scripture

ब्रज रस माधुरी 3

Verses & Passages

7 items
general

जय श्री वृषभानु दुलार की

जय श्री वृषभानु दुलार की, जय अलबेली सरकार की। वृषभानु नंदिनी श्री राधा रानी की जय। अलबेली सरकार की जय। जय स्वामिनी नंदकुमार की, जय अधाधुंद दरबार की।...

general

मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी

मेरी राधारानी प्रेम, सौंदर्य और रस की खान हैं। जिनके स्वागत में सदैव पूर्ण ब्रह्म भगवान श्री कृष्ण प्रस्तुत रहते हैं। [1] मेरी स्वामिनी श्री राधारानी...

general

प्रेम रूप रस खानी, ऐसी राधेरानी

हमारी राधारानी प्रेम, रूप तथा रस की खान हैं। (1) हमारी राधारानी श्रीधाम वृन्दावन की महारानी हैं। (2) हमारी राधारानी की कृपा से ही भगवान शंकर शिवानी...

general

मेरी राधा रानी ब्रजरस की खानी

मेरी राधा रानी ब्रजरस की खानी, ठाकुरहूँ की हैं ठकुरानी। [1] मेरी राधारानी सँग सारँगपानी, विहरत वृंदावन राजधानी। [2] मेरी राधारानी सम मेरी राधारानी,...

general

जय हो जय हो अलबेली सरकार बलिहार बलिहार

तेरी महिमा अपरंपार बलिहार बलिहार। आपकी महिमा अपरंपार है, आपकी बलिहार है, बलिहार है। तेरी ब्रम्ह करे जयकार बलिहार बलिहार। परम ब्रम्ह भी आपकी जय जयकार ...

general

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी

वृषभानु दुलारी श्री प्रिया जू, जो भोरी हैं, प्यारी हैं, बरसाने वाली हैं, उनकी जय हो, जय हो, जय हो। [1] श्री प्यारी जू आगे-आगे चल रहीं हैं, पीछे सखियाँ...

general

श्री राधे बरसाने वारी, नँदनंदन सुखघन बनवारी

बरसाने वाली श्री राधा की जय, सुखघन नंदनंदन बनवारी की जय। जब श्री कृष्ण को महारास करने की इच्छा हुई, तब उन्होंने अपना मुकुट उतार कर श्री राधा के चरणों ...