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तेरो मुख नीको कि मेरो स्यामा प्यारी
श्री कृष्ण हाथ में दर्पण लिए श्री राधा से कहते हैं "हे श्यामा प्यारी, आपका मुख सुन्दर है की मेरा मुख?" [1] श्री राधा कहती हैं "मैं क्या कहूँ, आप स्वय...
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ब्रज की रज मैं भई क्यों न बीर
हे सखी, मैं ब्रज की रज क्यूँ न बन गयी? यदि मैं ब्रज की रज होती तो गोकुल की डगर में पड़ी रहती और उड़ उड़ कर श्री श्याम सुंदर के शरीर से जा लगी रहती। [...
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श्री राधेरानी, दे डारो ना वाँसुरी मोरी
श्री श्याम सुंदर श्री प्रिया जी से प्रार्थना कर रहे हैं: हे राधा रानी, मेरी बांसुरी मुझे लौटा दो ना ? इस वंशी में मेरे प्राण बसे हैं जो अब चोरी हो गई ...